गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्कूली बच्चों के जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने के मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लेते हुए आयोग ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मामला मैनपुर ब्लॉक के खंभाथा और आसपास के गांवों का है। दर्जनों बच्चे पढ़ाई के लिए पैरी नदी पार करने को मजबूर हैं। नदी पर बन रहा पुल अधूरा है, जिसके कारण बच्चे पुल से लगी संकरी और फिसलन भरी लोहे की सीढ़ी के सहारे नदी पार करते हैं। मानसून में जलस्तर और बहाव तेज होने से यह सफर बेहद खतरनाक हो जाता है।
NHRC ने कहा कि यदि रिपोर्ट सही है तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है और प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
ग्रामीणों के अनुसार देहरगुड़ा और खंभाथा के बीच 300 मीटर लंबे पुल का काम पिछले 6 साल से अटका है। एक साल पहले अधिकारियों ने 6 महीने में काम पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति जस की तस है। पुल अधूरा होने से ग्रामीणों और बच्चों को रोज जानलेवा रास्ता अपनाना पड़ रहा है।