कुरुद। धमतरी जिले के दहदहा मिडिल स्कूल में 35 बच्चों द्वारा अपनी कलाई काटकर खुद को घायल करने की घटना ने परिजनों को चिंता में डाल दिया था। इस मामले की जांच में यह सामने आया कि कक्षा 6वीं से 8वीं तक के छात्र-छात्राओं ने एक-दूसरे की देखा-देखी में आकर सेफ्टीपिन और नुकीली वस्तु से अपनी कलाइयों पर चोट पहुंचाई थी। शुरुआत में इस मामले को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन एक जागरूक पिता की सजगता से यह सच सामने आ पाया।

मेडिकल टीम भेजकर बच्चों की कॉउन्सिलिंग
यह मामला प्रकाश में आते ही जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाई और मेडिकल टीम भेजकर बच्चों की सघन काउंसलिंग कराई। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह घटना किसी नशे, अंधविश्वास या काले जादू का परिणाम नहीं थी, बल्कि किशोरावस्था की एक गलत ‘नकल करने’ की प्रवृत्ति थी। वर्तमान में सभी बच्चे शारीरिक और मानसिक रूप से सुरक्षित पाए गए हैं और उनके घाव अब लगभग भरने लगे हैं।
प्रशासन ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए स्कूल के प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब स्कूल में नियमित रूप से जीवन-कौशल, नैतिक शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया गया है. फिलहाल स्कूल का वातावरण सामान्य है और पढ़ाई सुचारू रूप से चल रही है।