मुंबई। मध्य पूर्व में अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। निवेशकों में बढ़ती चिंता के कारण बाजार में तेज बिकवाली देखी गई और प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट दर्ज हुई।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स करीब 2,300 अंक (लगभग 2.8%) टूटकर 76,500 के आसपास कारोबार करता नजर आया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी करीब 700 अंक (करीब 2.8%) गिरकर 23,750 के स्तर तक आ गया।
इससे पहले शुक्रवार को भी बाजार दबाव में रहा था। उस दिन सेंसेक्स 1,097 अंक और निफ्टी 315 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
आज बैंकिंग, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से इन क्षेत्रों की कंपनियों की लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर उनके मुनाफे पर पड़ता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। हाल के दिनों में इसकी कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई और कुछ समय के लिए 108 डॉलर तक चली गई।
पिछले चार दिनों में लगभग 15% और दस दिनों में करीब 48% की तेजी दर्ज की गई है। यह स्तर पिछले तीन साल से अधिक समय में सबसे ऊंचा माना जा रहा है।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, जिससे महंगाई पर दबाव पड़ने की आशंका है। हालांकि सरकार का कहना है कि देश में फिलहाल पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, इसलिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
वैश्विक बाजारों का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा। अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र के दौरान डाउ जोन्स 0.95%, नैस्डैक 1.59% और S&P 500 1.33% की गिरावट के साथ बंद हुए।
वहीं एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, जो वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता को दर्शाता है।
दरअसल, मुख्य चिंता मध्य पूर्व में तेल सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका को लेकर है। यदि क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट की स्थिति बन सकती है।
ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि हालात सामान्य होने तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।