रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध तरीके से की जा रही अफीम की खेती का पुलिस ने खुलासा किया है। दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खेत में लगी अफीम की पूरी फसल नष्ट कर दी। पुलिस के मुताबिक बरामद अफीम के पौधों की अनुमानित कीमत करीब 8 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में खेत के मालिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान निलंबित भाजपा नेता विनायक ताम्रकार से एक बार फिर पूछताछ की जाएगी। इसके लिए दुर्ग पुलिस उन्हें दोबारा पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी मिल सके।
दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल के अनुसार इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच अभी जारी है, इसलिए विनायक ताम्रकार से दोबारा पूछताछ आवश्यक है और इसी वजह से पुलिस रिमांड ली जा रही है।
पुलिस के मुताबिक अवैध खेती में शामिल आरोपियों में खेत का मालिक और भाजपा से निलंबित राइस मिल नेता विनायक ताम्रकार, मनीष ठाकुर और राजस्थान निवासी विकास विश्नोई शामिल हैं। तीनों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस मामले में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि अफीम की खेती कराने के लिए बाहर से लोगों को बुलाया गया था, ताकि स्थानीय लोगों को इसकी भनक न लगे। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती पहली बार की गई थी या यह गतिविधि पहले से ही धीरे-धीरे बढ़ते हुए इस स्तर तक पहुंची है।