रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग (mahila aayog) ने भिलाई स्टील प्लांट (BSP) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उसे कड़ी लताड़ लगाई है। आयोग ने आरोप लगाया कि प्लांट अपने पुरुष कर्मचारियों को बचाने के लिए पत्नी और बच्चों को भरण-पोषण देने में मदद नहीं करता। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में सोमवार 6 अप्रैल को रायपुर में 390वीं प्रदेश स्तरीय और 179वीं रायपुर जिला स्तरीय जनसुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कई महिला संबंधी मामले सामने आए, जिनमें भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों से जुड़े मामले भी शामिल थे।

आयोग ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट के कई पुरुष कर्मचारी दो-दो महिलाओं से अवैध संबंध रखते हैं, लेकिन अपनी पहली पत्नी और बच्चों को भरण-पोषण नहीं देते। जब आयोग में सुनवाई होती है तो प्लांट के अधिकारी आश्वासन देते हैं कि कर्मचारी के वेतन से पत्नी-बच्चों को भरण-पोषण दिया जाएगा। लेकिन सुनवाई के बाद ऑफिस में जाकर मामले की लिपापोती कर दी जाती है।

आयोग ने पूछताछ करने पर प्लांट प्रशासन का जवाब था कि मामला लॉ विभाग को भेज दिया गया है, इसलिए हम वेतन काटकर भरण-पोषण नहीं दे सकते।आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि प्लांट अपने कर्मचारियों की गलतियों को छिपाने का काम कर रहा है। उन्होंने भिलाई स्टील प्लांट के उच्च अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि ऐसा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुनवाई के दौरान एक गंभीर मामले में आयोग ने छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकार को पत्र लिखकर थाना पिपरिया (कबीरधाम जिला) के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच कराने का आदेश दिया। आरोप है कि एक आरक्षक और उसकी पत्नी (जो स्वयं महिला आरक्षक हैं) ने पड़ोसियों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर उनकी पत्नी, बहू और मात्र 4 महीने के नाबालिग बच्चे को 2 महीने तक जेल में रखवा दिया। बाद में अदालत ने उन्हें 45 दिन की सजा सुनाई।
आयोग ने कहा कि सभी आरोपी पुलिस कर्मचारी हैं, इसलिए किसी ने भी पीड़ित परिवार की शिकायत दर्ज नहीं की। आयोग ने इस मामले की विस्तृत जांच कर एक माह के अंदर रिपोर्ट मंगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही डीजीपी छत्तीसगढ़ को पुलिस अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की सिफारिश भी की जाएगी।
आयोग ने सभी प्रकरणों में पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाने का भरोसा दिलाया। अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिला आयोग महिलाओं के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्रिय है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।