अल्पसंख्यकों के सामाजिक-आर्थिक विकास और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करने के लिए अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (एमओएमए) ने विभिन्न कौशल और शिक्षा योजनाएं लागू की है।

प्रधान मंत्री विरासत का संवर्धन (पीएम विकास) मोमा की एक प्रमुख योजना है जो पांच पूर्ववर्ती योजनाओं को एकीकृत करती है और अल्पसंख्यकों के उत्थान पर ध्यान केंद्रित करती है, जिसमें कौशल विकास; अल्पसंख्यक महिलाओं का उद्यमिता और नेतृत्व; और स्कूल ड्रॉपआउट के लिए शिक्षा सहायता शामिल है। अल्पसंख्यक समुदायों के युवाओं को ‘सीखो और कमाओ’, ‘नई मंजिल’ और ‘उस्ताद’ योजनाओं के अंतर्गत रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिन्हें अब पीएम विकास योजना में समाहित किया गया है। इन योजनाओं का संक्षिप्त विवरण और इसमें किए गए उपलब्धियों का विवरण निम्नलिखित है:

उस्ताद योजना लक्षित क्षमता निर्माण और मास्टर कारीगरों/कारीगरों के पारंपरिक कौशल के उन्नयन के लिए 2015 में शुरू हुई। शुरुआत से, लगभग 21,611 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया है और लगभग 4,946 को योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों में रखा/स्वरोजगार/संगठित किया गया है।

यह जानकारी आज राज्यसभा में केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय मामलों के मंत्री, श्री किरेन रिजिजू ने एक लिखित उत्तर में दी।
