रायगढ़। शहर में चल रहे ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने 10 महीने से फरार एक शातिर बदमाश मनीष सिंह उर्फ ‘मनीष बिहारी’ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक पर जानलेवा हमला करने और जातिगत गाली-गलौज करने के मामले में पिछले साल मई से फरार चल रहा था।
देर रात रोका, फिर की थी मारपीट
यह घटना 24-25 मई 2025 की रात की है। पीड़ित युवक अपनी दीदी के घर ग्राम लामीदरहा से करीब रात 1:30 बजे वापस लौट रहा था। इसी दौरान विजयम उत्सव मैरिज गार्डन के पास मोटरसाइकिल और स्कूटी पर सवार कुछ युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया।
आरोपियों में मनीष बिहारी, बबलू दास महंत, अंकुल ठाकुर और उनके अन्य साथी शामिल थे। आरोप है कि इन युवकों ने पीड़ित के साथ अश्लील गाली-गलौज की और उसे विशेष वर्ग का सदस्य जानकर जातिगत अपमान किया। इसके बाद हथियारों और हाथ-मुक्कों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। घायल युवक किसी तरह वहां से भाग निकला और परिजनों को सूचना देने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हुलिया बदलकर छिप रहा था एक आरोपी
मामले में थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 219/2025 के तहत बलवा, मारपीट और SC/ST एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इस प्रकरण की जांच नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) मयंक मिश्रा कर रहे थे।
गिरफ्तारी के डर से सभी आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने 20 फरवरी को इस मामले के एक आरोपी अंकुल ठाकुर उर्फ अंशुल ठाकुर को गिरफ्तार किया था। पुलिस से बचने के लिए उसने अपना हुलिया बदल लिया था और पहचान छिपाने के लिए बाल व दाढ़ी बढ़ा ली थी, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़कर जेल भेज दिया।
मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार
इसी मामले में मुख्य आरोपी मनीष सिंह उर्फ ‘बिहारी बाबू’ (26 वर्ष), जो लेबर कॉलोनी जूटमिल का रहने वाला है और फिलहाल छातामुड़ा बाईपास इलाके में रह रहा था, लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था।
चक्रधरनगर पुलिस को गुरुवार शाम मुखबिर से सूचना मिली कि वह शहर में घूम रहा है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का पहले से भी आपराधिक रिकॉर्ड है और उसके खिलाफ जूटमिल थाने में मारपीट और गुंडागर्दी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं इस गिरोह के अन्य फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की कार्रवाई जारी है।