कोरिया। सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर "हर घर जल" का सपना साकार करने का दावा कर रही है, वहीं कोरिया जिले की ग्राम पंचायत बेलिया की तस्वीर इन दावों की जमीनी हकीकत को उजागर करती नजर आ रही है। गांव में लगे लगभग सभी हैंडपंप सूख चुके हैं और पूरे गांव की प्यास बुझाने का जिम्मा अब एक पुराने, गहरे और असुरक्षित कुएं पर आ टिका है।
50 फीट गहरे कुएं से पानी निकालने की मजबूरी
स्थिति इतनी भयावह है कि ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर लगभग 50 फीट से ज्यादा गहरे कुएं से पानी निकालने को मजबूर हैं. यह कुआं न केवल सुरक्षा व्यवस्था से वंचित है बल्कि इसका पानी भी गंदा और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया जा रहा है। इसके बावजूद ग्रामीणों के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है. ग्रामीणों का कहना है कि जिस कुएं से पूरे गांव को पानी मिल रहा है, उसके चारों ओर सुरक्षा घेरा तक नहीं बनाया गया है. ऊपर से कुएं को सड़ी-गली लकड़ियों से ढंकने का प्रयास किया गया है, जो कभी भी टूटकर किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
पानी भरना किसी चुनौती से कम नहीं है. कुआं काफी गहरा है और जरा सी चूक किसी की जान ले सकती है. हर दिन इस डर के साथ पानी भरना पड़ता है कि कहीं कोई बच्चा, महिला या बुजुर्ग हादसे का शिकार न हो जाए
नल मवेशियों को बांधने आ रहे काम
जल जीवन मिशन के तहत तीन वर्ष पूर्व गांव में घर-घर नल तो लगाए गए, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि आज तक उन नलों से एक बूंद पानी भी नहीं निकला। अब ये नल ग्रामीणों के लिए पेयजल का माध्यम नहीं बल्कि पशु बांधने का खंभा बनकर रह गए हैं। गांव में जगह-जगह दिखाई देने वाले पाइप और अधूरे ढांचे इस बात की गवाही देते हैं कि करोड़ों रुपये की योजना आज भी ग्रामीणों तक अपना उद्देश्य पूरा नहीं कर सकी है।
पानी नहीं मिलता है, कुआं भी बहुत दूर है, इसलिए इसी कुएं से पानी निकालते हैं।
सरपंच ने बताया कई बार की शिकायत
ग्राम पंचायत बेलिया के सरपंच दीनदयाल रघुवंशी ने स्वीकार किया कि नल-जल योजना का कार्य कई वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में कलेक्ट्रेट और सुशासन तिहार में कई बार शिकायत की जा चुकी है।
कई जगह बोर लगाए, पानी के लिए व्यवस्था भी की गई लेकिन पानी नहीं मिला। शिकायत भी कर चुके हैं।
पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता मनोज कुमार ठाकुर के अनुसार कोरिया जिले की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं। जिले के 278 गांवों को कवर करने के लिए जल जीवन मिशन के तहत 678 योजनाएं स्वीकृत की गई हैं. उन्होंने बताया कि 202 योजनाओं में जल प्रदाय शुरू हो चुका है, जबकि लगभग 400 योजनाओं में पूर्ण अथवा आंशिक रूप से पानी की आपूर्ति की जा रही है। वर्तमान में जिले के 46 गांवों को पूर्ण रूप से "हर घर जल" के तहत कवर कर प्रमाणित किया जा चुका है।