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छत्तीसगढ़ में मानवता की मिसाल: 12 वर्षीय ब्रेन डेड सुमना के अंगदान से बची दो जिंदगियां

08 Jun 2026 0 views
छत्तीसगढ़ में मानवता की मिसाल: 12 वर्षीय ब्रेन डेड सुमना के अंगदान से बची दो जिंदगियां

रायपुर। कई बार ऐसे दान समाज के सामने आते हैं जो किसी को नया जीवन दे देते हैं। ऐसे दान अक्सर चर्चा का विषय रहते हैं। रायपुर में महज 12 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाली सुमना कुंडू के स्वजन ने भी ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया।

 

नन्हीं सुमना भले ही इस दुनिया से चली गई, लेकिन उसके अंगदान ने दो जरूरतमंद लोगों को नई जिंदगी देकर उसे अमर कर दिया। सुमना को गार्ड आफ आनर देकर अंतिम विदाई दी गई।

 

रायपुर के एम्स अस्पताल में नौ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद सुमना को चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत ब्रेन डेड घोषित किया गया।

 

यह क्षण किसी भी माता-पिता के लिए अत्यंत दुखद हो सकता है, लेकिन बेटी को खोने की असहनीय पीड़ा के बीच भी उसके माता-पिता लक्ष्मण कुंडू और सरस्वती कुंडू ने मानवता की मिसाल कायम करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी बेटी की दोनों किडनी दान करने की सहमति दी।

 

सोटो छत्तीसगढ़ और एम्स के समन्वय से सुमना की एक किडनी तीन वर्षों से डायलिसिस पर निर्भर 15 वर्षीय किशोर को और दूसरी पांच वर्षों से डायलिसिस का दर्द झेल रहे 45 वर्षीय व्यक्ति को प्रत्यारोपित की गई। दोनों प्रत्यारोपण सफल रहे हैं और मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।

 

सुमना लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थी। जब डाक्टरों ने परिवार को अंगदान की संभावना के बारे में बताया, तब शोक में डूबे माता-पिता ने अपनी बेटी के जाने को किसी और की जिंदगी की उम्मीद बनाने का निर्णय लिया।