रायपुर। छत्तीसगढ़ में मौसम ने एक नया मोड़ लिया है। सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से पांच और छह मई को प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा, गरज-चमक और अंधड़ की संभावना जताई गई है।
फील्ड में सक्रिय प्रगणना कार्य के बीच यह बदलाव राहत भी देगा और सतर्कता की आवश्यकता भी बढ़ाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान में अगले दो-तीन दिनों में लगभग तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होने की संभावना है।
48 घंटों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना
रायपुर में सोमवार को अधिकतम तापमान 41.1 और न्यूनतम 28.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य के आसपास रहा। वहीं जगदलपुर सहित बस्तर के जिलों में तापमान गिरकर 34.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यहां अगले 48 घंटों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने और वज्रपात की संभावना है।
दुर्ग और आसपास के जिलों में मौसम ठंडा बना हुआ है, जहां सोमवार को पारा 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजनांदगांव और कबीरधाम जैसे जिलों में धूल भरी आंधी चलने के आसार हैं।
भारी वज्रपात का अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चल सकता है और वज्रपात भी हो सकता है। पिछले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है।
प्रदेश के मौसम पर एक साथ कई प्रणालियों का असर है। पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास डेढ़ किमी तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा, आंतरिक ओडिशा क्षेत्र में 0.9 किमी तक एक अन्य परिसंचरण सक्रिय है।