Balrampur | राज्यों से
बलरामपुर। प्रदेश में दिव्यांगजनों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरल, सुगम और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने की दिशा में यूडीआईडी (विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र) अभियान महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आ रहा है। बलरामपुर जिले में जिला अस्पताल में प्रत्येक शुक्रवार को नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे यूडीआईडी पंजीयन शिविरों के माध्यम से दिव्यांग बच्चों सहित सभी पात्र दिव्यांगजनों को एकीकृत पहचान उपलब्ध कराई जा रही है।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में इस सप्ताह 45 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम ने हितग्राहियों के दस्तावेजों का परीक्षण कर यूडीआईडी पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की तथा आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय परीक्षण एवं प्रमाणीकरण भी किया।
शिविर में पहुंचे दिव्यांगजनों और उनके परिजनों को यूडीआईडी कार्ड के महत्व, आवेदन प्रक्रिया और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि यूडीआईडी कार्ड दिव्यांगजनों के लिए एकीकृत पहचान के रूप में कार्य करता है, जिसके माध्यम से वे राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, उपचार सुविधा, सहायक उपकरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन तथा अन्य लाभों का आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के पंजीयन पर भी प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास से जुड़ी सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके। नियमित शिविर व्यवस्था से दूरस्थ क्षेत्रों के हितग्राहियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ रही है।
समाज कल्याण विभाग ने जिले के सभी पात्र दिव्यांगजनों और उनके परिजनों से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ प्रत्येक शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचकर यूडीआईडी पंजीयन कराएं और शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त करें।