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ईरान का अलर्ट: US सैनिक ठहराए तो होटल बनेंगे टारगेट

तेहरान।ईरान मिडिल ईस्ट में ईरान के लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कई अमेरिकी सैन्य अड्डे तबाह हो गए हैं, जिससे मजबूर होकर अमेरिकी सैनिकों को होटलों और दफ्तरों में शरण लेनी पड़ी है. इजरायल और अमेरिका के साथ चल रही जंग के बीच ईरान ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के होटल मालिकों पर हमले करने की चेतावनी दी है. उसका कहना है कि इन होटलों में अमेरिकी सैनिक को ठहराया जा रहा है. उसने इन होटल मालिकों को अल्टीमेटम दिया है कि ये होटल उसकी सैन्य कार्रवाई का निशाना बन सकते हैं.

अमेरिकी सैनिक गल्फ देशों के होटलों में ठहरे हैं

 

ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने खाड़ी देशों को वही नीति अपनाने को कहा है, जो अमेरिका की है कि वहां ऐसे अधिकारियों को बुकिंग देने से मना कर दिया जाता है जिनसे ग्राहकों को खतरा हो सकता है.

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 रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ ईरानी और उसके सहयोगी उग्रवादी समूहों के साथ जॉइंट ऑपरेशन के चलते अमेरिकी सैनिक गल्फ देशों के होटलों में ठहरे हैं. इन हमलों में पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था.

 

सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘इस युद्ध की शुरुआत से ही, अमेरिकी सैनिक जीसीसी (खाड़ी सहयोग परिषद) के सैन्य ठिकानों से भागकर होटलों और दफ्तरों में छिप गए हैं. वे जीसीसी के नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं.’

 

इससे पहले, गुरुवार (26 मार्च, 2026) को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने खाड़ी अरब देशों के होटलों को अमेरिकी सैन्य कर्मियों को स्वीकार न करने की चेतावनी दी थी. उन्होंने इन सैनिकों पर अपने ठिकानों से भागने और नागरिक स्थलों को अपनी ढाल (कवर) के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

 

उन्होंने इस स्थिति की तुलना संयुक्त राज्य अमेरिका के होटलों से की, जहां उनके दावे के अनुसार, ऐसे अधिकारियों को बुकिंग देने से मना कर दिया जाता है जिनसे ग्राहकों को खतरा हो सकता है. उन्होंने खाड़ी के होटलों से भी इसी तरह की नीति अपनाने का आग्रह किया है.

 

 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने मध्य पूर्व के कई नागरिक इलाकों में अपनी मौजूदगी बना ली है. इनमें बेरूत के पुराने एयरपोर्ट के पास एक लॉजिस्टिक बेस, दमिश्क का रिपब्लिक पैलेस, फोर सीजंस और शेरेटन होटल शामिल बताए गए हैं. इसके अलावा अमेरिकी मरीन को इस सप्ताह जिबूती इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर तैनात किया गया है, जिन्हें इस्तांबुल और सोफिया के रास्ते वहां पहुंचाया गया.