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एचपीवी टीकाकरण में बलरामपुर का सराहानिय प्रदर्शन

24 Jun 2026 0 views
एचपीवी टीकाकरण में बलरामपुर का सराहानिय प्रदर्शन

बलरामपुर। बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण और भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में जिले ने 84 प्रतिशत कवरेज प्राप्त करते हुए प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। यह सफलता जिला प्रशासन की प्रभावी रणनीति, विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों और जनसहभागिता का परिणाम है।

 

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजय सिंह के नेतृत्व में जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान को विशेष प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए पात्र बालिकाओं की पहचान और टीकाकरण सुनिश्चित किया।

 

जिले में कुल 8,785 पात्र बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध अब तक 7,417 बालिकाओं को एचपीवी टीका लगाया जा चुका है। विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों में विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए गए, वहीं छूटे हुए हितग्राहियों तक पहुंचने के लिए विशेष फॉलोअप अभियान भी चलाया जा रहा है।

 

अभियान को सफल बनाने में एएनएम, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने घर-घर संपर्क कर अभिभावकों को एचपीवी टीके के महत्व और इसके स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूक किया। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में पालक-शिक्षक बैठकों, जागरूकता सभाओं तथा सामुदायिक संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया।

 

स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकासखंडवार प्रगति की नियमित समीक्षा की जा रही है। जिन क्षेत्रों में टीकाकरण की गति अपेक्षाकृत कम रही, वहां विशेष टीमों की तैनाती कर छूटे हुए पात्रों का चिन्हांकन और टीकाकरण सुनिश्चित किया गया। जिला प्रशासन ने एचपीवी टीकाकरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य निर्धारित करते हुए सभी पात्र बालिकाओं तक पहुंच बनाने के निर्देश दिए हैं।

 

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले का लक्ष्य आगामी मूल्यांकन में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना है। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग, घर-घर संपर्क अभियान, व्यापक जनजागरूकता गतिविधियों तथा सभी विभागों के समन्वित प्रयासों को और अधिक गति दी जा रही है। जिले की यह उपलब्धि प्रदेश में महिला एवं बाल स्वास्थ्य संरक्षण के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रही है।