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दार्जिलिंग: मतदाता सूची संशोधन के कारण 42 मजदूर सरकारी सहायता से वंचित

त्योहार के मौसम में नहीं मिला बकाया

18 अक्तू॰ 2026 3 व्यू
दार्जिलिंग: मतदाता सूची संशोधन के कारण 42 मजदूर सरकारी सहायता से वंचित

कोलकाता। दार्जिलिंग के बंद पड़े सिंगतम चाय बागान के 42 मजदूरों को इस त्योहार के मौसम में पश्चिम बंगाल सरकार की वित्तीय सहायता नहीं मिल सकी है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मामलों में नाम लंबित होने के कारण इन श्रमिकों को सहायता राशि से बाहर कर दिया गया है।

 

सितंबर 2024 में 20 प्रतिशत बोनस के भुगतान को लेकर मजदूरों और प्रबंधन के बीच विवाद हो गया था, जिसके बाद से दार्जिलिंग शहर से करीब 6 किलोमीटर दूर स्थित यह चाय बागान बंद पड़ा है।

 

बागान बंद होने के बाद राज्य सरकार ने 'लॉक-आउट औद्योगिक इकाइयों के श्रमिकों को वित्तीय सहायता' (FAWLOI) योजना के तहत 550 पात्र श्रमिकों की पहचान की थी। इस योजना का उद्देश्य नियमित कमाई बंद होने से आर्थिक तंगी झेल रहे मजदूरों की मदद करना है और इसके तहत प्रति माह 1,500 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।

 

हाल ही में योजना के तहत 508 मजदूरों के खातों में पिछले 23 महीनों की बकाया राशि के रूप में 34,500-34,500 रुपये हस्तांतरित किए गए। कुल मिलाकर लगभग 1.75 करोड़ रुपये का वितरण किया गया, लेकिन 42 मजदूर मतदाता सूची के मामलों के सुलझ न पाने के कारण इस राहत से वंचित रह गए।

 

श्रमिक संगठन के नेताओं ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इन 42 मजदूरों के पास भविष्य निधि खाता संख्या मौजूद है और वे चाय बागान के ही स्थायी निवासी हैं। यूनियनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि चुनावी मतदाता सूची के तकनीकी पेच को दरकिनार कर इन प्रभावित श्रमिकों को भी उनका बकाया और मासिक वित्तीय लाभ जल्द से जल्द प्रदान किया जाए।