कवर्धा। छत्तीसगढ़ का वनांचल जिला कवर्धा एक और उपलब्धि से लैस हो गया है रविवार को कवर्धा के भोरमदेव अभयारण्य में जंगल सफारी की शुरुआत विधिवत रूप से हुई है. उद्घाटन समारोह में छत्तीसगढ़ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद संतोष पांडे विशेष रूप से उपस्थित रहे. इस नई पहल के साथ अब भोरमदेव क्षेत्र पर्यटन के मानचित्र पर और अधिक मजबूती के साथ उभर कर सामने आया है।
पर्यटक निहार सकेंगे भोरमदेव जंगल की खूबसूरती
जंगल सफारी की शुरुआत से पर्यटक भोरमदेव के जंगलों की खूबसूरती को निहार सकेंगे. यहां आने वाले सैलानी इस क्षेत्र के घने जंगल, हरियाली से भरी पहाड़ियां और नदियों को लुत्फ उठा सकेंगे. इसके अलावा इस क्षेत्र के झरनों और वन्यजीव को नजदीक से देख सकेंगे.भोरमदेव अभयारण्य अपनी समृद्ध जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए पहले से ही प्रसिद्ध रहा है, वहीं अब सफारी के जुड़ने से यह आकर्षण और बढ़ गया है भोरमदेव प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र है. यहां स्थित प्राचीन मंदिर और शांत वातावरण पर्यटकों को आध्यात्मिक अनुभव भी प्रदान करते हैं।
भोरमदेव क्षेत्र इसिलिये है ख़ास
भोरमदेव क्षेत्र प्राकृतिक संपदा से समृद्ध क्षेत्र है. यहां के जंगल, जल और पहाड़ लोगों को आकर्षित करते हैं. सबसे ज्यादा घने जंगल लोगों के लिए बेहद रोमांचकारी है. भगवान भोरमदेव, जिन्हें पशुपति के रूप में भी जाना जाता है, उनकी पावन भूमि पर स्थित यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संपदा से समृद्ध है. इसलिए यह एरिया हमेशा से पर्यटकों के लिए रमणीय स्थल रहा है।
भोरमदेव जंगल सफारी की विशेषताएं
भोरमदेव जंगल सफारी का निर्माण बेहद ही आकर्षक और व्यवस्थित तरीके से किया गया है, जिससे यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति के बीच एक यादगार अनुभव प्राप्त कर सकेंगे. कवर्धा के डीएफओ निखिल अग्रवाल ने बताया कि जंगल सफारी को इस तरह विकसित किया गया है कि पर्यटक घने जंगलों, पहाड़ियों, नदियों और घास के मैदान को नजीदक से देख सकें. इसके साथ साथ उन्हें वाइल्ड लाइफ का भी सुंदर अनुभव मिल सके।
भोरमदेव जंगल सफारी में क्या क्या देखने को मिलेगा ?
भोरमदेव जंगल सफारी में पर्यटकों को कई तरह के स्थलों पर घूमने का मौका मिलेगा.
टेडगा सालेह ग्रास लैंड: जहां नीलगाय, हिरण और कई तरह की पक्षी प्रजातियां देखने को मिलेगी।
जैतपुरी (धन डबरा) ग्रास लैंड - यह संकरी पगडंडियों से खुली वादियों तक पहुंचने का सुंदर मार्ग है।
बर खोल्हा व्यू प्वाइंट- चारों ओर फैले पहाड़ों का सुंदर दृश्य देखने को मिलेगा।
बकोदा ग्रासलैंड- साल एवं बांस के घने जंगल हैं , जो नेचुरल ब्यूटी का अनुभव कराते हैं।
दूरदूरी झरना- यह झरना बेहद खास है. लोगों को प्रकृति के बीच शीतलता का एहसास कराता है।
बाज़ार डोंगरी- यह सीधी ढलान वाली पहाड़ी है. यहां घूमना किसी रोमांचकारी कार्य से कम नहीं होगा।
कारियाआमा- यह प्राचीन शनि मंदिर और ऐतिहासिक मान्यताओं से जुड़ा स्थान है. इस क्षेत्र की पौराणिक कथा पूरे क्षेत्र की संस्कृति और उसकी समृद्धि को दर्शाती है।
राजनेताओं ने लोगों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा भोरमदेव जंगल सफारी को देखने आएं. वन विभाग को राजनेताओं ने जंगल सफारी के संचालन की शुभकामनाएं दी है।